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शांति स्वरूप बौद्ध जी को शत् शत् नमन

शांति स्वरूप बौद्ध सर द्वारा प्रकाशित ‘एक जिंदा देवी ; मायावती’ किताब मुझे पाठकों के एक विशाल वर्ग के निकट ले गयी । इस किताब ने जिन ढेरों लोगों की निकटता प्रदान की, उन्हीं में से एक हैं इंजीनियर jaypal b kamble। उन्होंने एक अलग तरह से बौद्ध जी के प्रति आदरांजलि देते हुए लिखा है-

‘2006 में एक सामाजिक कार्यक्रम में शिवाजी पार्क पर मैं मेरी पत्नी और बेटी शामिल हो गए थे. मेरे बेटी ने एक पुस्तक देखा . तब वह तीसरी में पढ़ती थी .पुस्तक का मुखपृष्ठ इतना आकर्षक था कि उसने वह पुस्तक ख़रीदा. पुस्तक का नाम था ‘मायावती- एक जिंदा देवी’ पुस्तक पढ़ने के बाद पता चला के लेखक एक महान चिंतक भी है. उसी साल 6 दिसंबर को आपसे पहली बार मुलाकात हो गई मैंने चित्र के बारे में पूछा तो आपने बता दिया यह शांति स्वरूप बौद्ध जी ने रेखांकित किया था।फिर आपको पढ़ता ही चला गया और महसूस करने लगा अपने समय का सबसे महान चिंतक एच एल दुसाध है. जिनको पढ़ने के बाद मार्क्सवादी समाजवादी चिंतकों को और प्रेमचंद्र, निराला आदि लेखकों को भूल जाता हूं. मायावती एक जिंदा देवी यह पुस्तक , चित्र के वजह से नहीं देखती, तो पुस्तक नहीं खरीदती और मैं नहीं पढ़ता तो शायद अपनी मुलाकात और देर से होती. कुछ मायने में शांति स्वरूप जी का वह चित्र और पुस्तक की वजह से आपके विचार से और लेखन से मैं जुड़ा रहा.

शांति स्वरूप बौद्ध जी को शत्- शत् नमन .

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