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फ्रैंकेंस्टाइन के बाद हॉरर की दुनिया का एक और अमर चरित्र : ब्राम स्टोकर का ड्राकुला

काउंट ड्रैकुला (Count Dracula) आइरिश उपन्यासकर ब्राम स्टोकर द्वारा लिखित उपन्यास ड्रैकुला का शीर्षक किरदार है। यह उपन्यास 1897 मे प्रकाशित हुआ था । प्रकाशित होते ही यह भयानक चरित्र काफी पॉपुलर हो गया। उपन्यास में उसे बेहद पुराने व सबसे पहले पिशाच के रूप में वर्णित किया गया था।रक्त-पिपासु ड्राकुला दिन मे ताबूत मे सोता है और रात मे शिकार के लिए निकलता है। अपने जीवनकाल में अभिनेता हेनरी आइर्विंग के निजी सेवक और ल्य्सुम थिएटर, लंदन के व्यापारिक मैनेजर रहे ब्राम स्टॉकर ने ढेरों लघुकथाओं के साथ 12 उपन्यास भी लिखे। किन्तु ड्राकुला के सृजन के कारण फ्रैंकेंस्टाइन के मेरी शेली की भांति ही अमर हो गए।

यह किरदार समय-समय पर लोकप्रिय संस्कृतियों, फ़िल्मों व एनिमेटेड मिडिया में दिखाई देता रहता है।अभी तक ड्रैकुला पर आधारित 1000 उपन्यास और 200 फिल्में आ चुकी हैं। फिल्मों में इसे लोकप्रिय बनाने मे हॉलीवुड के अभिनेता क्रिस्टोफर ली का बड़ा योगदान रहा। वह ड्राकुला के साथ एकाकार हो गए थे। ड्राकुला का रोल अदा करने वाले क्रिस्टोफर ली एक ऐसे एक्टर रहे, जिनके व्यक्तित्व की किसी से भी साम्यता नहीं थी। उनके विषय में यह धारणा ड्राकुला फिल्मों को पॉपुलर बनाने मे और भी मददगार साबित हुई।

एडगर एलेन पो, मेरी शेली, ब्राम स्टोकर ने भयानक रस से पाठकों विस्मित करने का बलिष्ठ प्रयास किया, उस कड़ी में बाद के दिनों में इस विषय में दर्जनों लेखकों ने बेस्ट सेलर किताबें दिया,जिसके फलस्वरूप हमें द एक्जोर्सिस्ट ,साइको, द ओमेन, एसाइलम, द अदर्स , कैंडीड, द साइलेंस ऑफ लैंब, ब्लैक संडे, फ्राइडे द थर्टिन्थ,ए नाइटमेयर ऑन एल्म स्ट्रीट , द एविल डेड, स्क्रीम, हेलरेजर इत्यादि जैसी अनगिनत स्तब्धकारी फिल्में देखने का अवसर मिला।

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