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फ्रैंकेंस्टाइन : विश्व इतिहास का पहला कालजयी हॉरर उपन्यास

2018 मे इंग्लैंड के रॉयल मिंट ने एक ऐसा सिक्का जारी किया है, जो इतिहास के किसी महानायक या किसी बड़ी ऐतिहासिक घटना को नहीं, बल्कि एक साहित्यिक कृति को समर्पित था, जिसका नाम था,’फ्रैंकेनस्टाइन: द मॉडर्न प्रोमिथियस’ एवं जिसकी लेखिका थी मेरी शेली। मेरी शेली का फ़्रैंकेनस्टाइन 1818 मे प्रकाशित हुआ था, जिसके 200 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में सिक्का जारी हुआ था। विश्व साहित्य में ‘फ्रैंकेंस्टाइन’ को विज्ञान फंतासी लेखन की शुरुआत भी माना जाता है और इस विषय पर अब तक लिखी गईं कृतियों में मील का पत्थर भी।किन्तु ज़्यादातर पाठक इसे हॉरर उपन्यास करार देते हैं।मेरी शेली का यह उपन्यास एक ऐसे विशालकाय दैत्य की कहानी है, जिसे फ़्रैंकेनस्टाइन नामक एक वैज्ञानिक ने मुर्दा अंगो को जोड़कर बनाया था। यह उपन्यास इतना पॉपुलर हुआ कि लोग दैत्य को हो फ्रैंकेंस्टाइन के नाम से जानने लगे। यह उपन्यास पहले लेखिका की छोटी कहानी के रूप मे था, किन्तु अपने पति के अनुरोध पर उन्होने इसे विशाल उपन्यास का रूप दिया। यूं तो मेरी शेली उपन्यासकार के साथ कथाकार और नाटककार भी रही, जिन्होंने दर्जन भर के करीब किताबें भी लिखी किन्तु, यह उपन्यास पूरे विश्व में इस कदर लोकप्रिय हुआ कि यह शेली की पहचान बन गया और वह इसके कारण विश्व इतिहास की चुनिन्दा लेखकों में शामिल हो गईं।

इस उपन्यास पर कितने प्ले हुआ, कितनी फिल्में बनी, उसकी गिनती आसान नहीं है। बहरहाल विश्व हॉरर साहित्य में कोई फ्रैंकेंस्टाइन के करीब पहुंचा तो वह रहा, ब्राम स्टोकर का ड्राकुला!

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