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कोरोना काल में साहित्य चर्चा- 3 करोड़ों मे क्यों खेलते है वेस्टर्न साहित्यकार !

यदि पश्चिम के कालजयी लेखकों की सफलता की तह में जाया जाये तो पता चलेगा कि उन्होंने एक्शन, एडवेंचर, मिस्ट्री, हॉरर, थ्रिलर, फंतासी , विज्ञान कथा इत्यादि में किसी एक को प्रधानता दिया तथा इसके लिए खास चरित्र को जन्म देकर अपना रचना संसार विकसित किया। चूंकि उन्हे लेखन के जरिये यश धन- अर्जित करना था और इस क्षेत्र में भारी प्रतिस्पर्द्धा थी इसलिए विविध विषयों पर कलम न चला कर किसी ऐसे विषय पर मास्टरी हासिल करना था, जिसमें औरों से बेहतर दिखें: एक ब्रांड बनें।
जे के रोलिंग ने रचा : जादुई संसार !
इस सिंपल मंत्र का अनुसरण करते हुये ही जेके रोलिंग ने हैरी पॉटर के जरिये एक ऐसा अद्भूत जादुई संसार पाठकों के समक्ष पेश किया, जिसके सम्मोहन से बचना बहुत कठिन रहा। रोलिंग द्वारा रचे गए जादुई संसार का जमाने पर इतना प्रचंड असर पड़ा कि उनके ही देश के लेखक जॉन रोनल्ड राउल टोल्किन की ‘द लॉर्ड ऑफ द रिंग्स’ शृंखला की 2000, 2001 और 2002 में तीन-तीन फिल्में आ गईं। इन फिल्मों ने ऑस्कर जीतने के साथ बॉक्स ऑफिस पर प्रायः हैरी पॉटर का इतिहास दोहराया। टोल्किन ने द हॉबिट, द लॉर्ड ऑफ रिंग और सिल्मैरीलॉंन के जरिये एक ऐसी दुनिया रचा था,जिसमें प्रवेश करने के बाद पाठक एक अलग दुनिया में पहुँच जाता था। इस ट्रिलोजी एक अद्भूत पौराणिक संसार रचने के कारण टोल्किन की किताबें 250 मिलियन से अधिक की संख्या में पाठकों तक पहुंची।

विज्ञान कथा के सम्राट : जुले वर्न !

रोलिंग और टोल्किन ने जो काम 20वीं सदी में किया, उसकी बलिष्ठतम तरीके से 19वीं सदी में शुरुआत की थी फ्रांसीसी लेखक जुले वर्न ने। अलेक्ज़ेंडर ड्यूमा और विक्टर हुगो जैसे महान लेखकों से लेखन का टिप्स पाये जुले वर्न ने चुना था,विज्ञान कथा का क्षेत्र।

कहानियों का ताना-बाना बुनने में माहिर जुले वर्न की कहानियों में भौगोलिक, वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग की बातों का बेहतरीन तरीके से मिश्रण रहता था। वे जाने-माने तकनीकी या वैज्ञानिक तथ्यों से, आगे भविष्य की बात, कुछ इस तरह से करते थे कि अविश्वसनीय चीजें भी संभव और विश्वसनीय लगती थीं। यही कारण था कि वे पाठकों को अपनी पुस्तकों की तरफ आकर्षित करते थे।उनकी कहानियों में, भविष्य में क्या होगा, इसका पहले से ही वर्णन था।

उन्होंने टी.वी. के बारे में, रेडियो के आविष्कार के पहले ही बता दिया था। राइट बन्धुओं के उड़ने के 50 साल पहले उन्होंने अपनी किताबों में हेलीकाप्टर का जिक्र किया था।उन्हों ने सबमैरिन के आविष्कार के पहले ‘ट्वेंटी थाउजेंड लीग अंडर द सी’ में अपने पाठकों को सबमैरिन में यात्रा करा दिया था। जब अमेरिका ने अपनी पहली परमाणु सबमैरीन बनायी तो उसका नाम भी उनके उपन्यास के नौटिलस सबमैरिन पर रखा। मानव के चाँद पर कदम रखने के पहले उन्होने अपने औपन्यासिक पात्र को चाँद पर उतार दिया था।

उनकी पुस्तकों में सबमेरीन, हवाई जहाज,इत्यादि के साथ एयर कंडीशन, गाइडेड मिसाइल और टैंक का वर्णन भी वर्णन मिलता है । अपनी विज्ञान कथाओं में इन सब चीजों को दिखा ने के लिए जुले वर्न को किस हद शोध करनी पड़ी होगी, उसकी कल्पना कर पाठक तो पाठक , बड़े से बड़े लेखक तक के भी पसीने छूट जाएंगे।

  • क्रमशः

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